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केले की फसल में प्रोजिब इजी का इस्तेमाल कब और कैसे करें?

दोस्तों इस पोस्ट में हम बात करेंगे सुमिटोमो केमिकल के प्रोजीब इजी के बारे में और साथ ही आपको बताएँगे की केले की फसल में प्रोजीब इजी का चमत्कार देखने के लिए इसे कब और कितना इस्तेमाल करना है। सुमिटोमो केमिकल का प्रोजिब इजी, सबसे अच्छा जिब्रेलिक एसिड उत्पाद है।

दुनिया में फ़िलीपीन्स, इंडोनेशिया, समेत कई अन्य देशों में लाखों किसानों ने इसे अपनाया है। और अगर इंडिया की बात करें तो प्रोजिब इजी केले की खेती करने वाले हर प्रगतिशील किसान की पहली पसंद है। प्रोजिब इजी में है उत्तम क्वालिटी का जिब्रेलिक एसिड।

दोस्तों आपको ये बता दें की प्रोजिब इजी अमेरिकी कंपनी वैलेन्ट बायोसाईंसेस से इम्पोर्ट किया जाता है, और इसे काफी रिसर्च और ट्रायल्स के बाद मार्किट में लाया गया है। मतलब इसकी गुणवत्ता पर आप पूरा भरोसा कर सकते हैं।

प्रोजिब इजी की एक सबसे ख़ास बात ये है की ये पानी में तुरंत और पूरी तरह से घुल जाता है, मतलब ये आपकी फसल को पूरी तरह से मिलता है। और अब बात करते हैं केले की फसल में प्रोजिब इजी का इस्तेमाल कब करना है और उससे आपको क्या फायदे होंगे, तो केले की फसल में आप प्रोजिब इजी को ड्रेंचिंग और स्प्रे दोनों में इस्तेमाल कर सकते हैं।

प्रोजिब इजी का पहला इस्तेमाल –

प्लांटिंग या ट्रांसप्लांटिंग के 2 महीनो के बाद – 1000 पौधों के लिए आप 25 ग्राम प्रोजिब इजी का इस्तेमाल ड्रेंचिंग द्वारा कर सकते हैं। इस समय केले की फसल में प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करने पर केले की फसल की जड़ें बढ़ेंगी, पौधों की हैंगहट यानी ऊँचाई और पत्तियों का साइज बढ़ेगा सीधे शब्दों में कहें तो इस समय प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करने से पौधों को बढ़वार मिलेगी।

प्रोजिब इजी का दूसरा इस्तेमाल –

प्लांटिंग या ट्रांसप्लांटिंग के 4 महीने बाद – इस बार भी 1000 पौधों के लिए आप 25 ग्राम प्रोजिब इजी का इस्तेमाल ड्रेंचिंग द्वारा कर सकते हैं। इस अवस्था में प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से पौधों को बढ़वार मिलेगी और पौधे की हाइट यानी ऊँचाई और पत्तियों का साइज बढ़ने के साथ साथ, पौधों की मोटाई भी बढ़ेगी।

प्रोजिब इजी का तीसरा इस्तेमाल –

प्लांटिंग या ट्रांसप्लांटिंग के 6 महीने बाद – केले के पौधों में प्रोजिब इजी की तीसरी डोज़ आपको देनी है प्लांटिंग या ट्रांसप्लांटिंग के 6 महीनों के बाद। इस बार भी प्रोजिब इजी का इस्तेमाल ड्रेंचिंग द्वारा ही करना है। इस अवस्था में पौधों में प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करने से पौधों को अच्छी ऊँचाई और मोटाई मिलेगी साथ ही पत्तियों का साइज भी बढ़ेगा।

अब बात करते हैं की केले में प्रोजिब इजी का स्प्रे कब और कैसे करना है।

प्रोजिब इजी का पहला स्प्रे – तो दोस्तों प्रोजिब इजी का पहला स्प्रे आपको करना है मेल फ्लावर्स यानी नर फूलों को हटाने के बाद। इस स्प्रे के लिए आपको 50 पीपीएम का सोल्यूशन बनाना है। 50 पीपीएम का सोल्यूशन बनाने के लिए आप 12 ग्राम प्रोजिब इजी को 100 लीटर पानी में मिला सकते हैं। प्रोजिब इजी को आप पोटैशियम और सोडियम के साथ भी स्प्रे कर सकते हैं।

प्रोजिब इजी का दूसरा स्प्रे – केले में प्रोजिब इजी का दूसरा स्प्रे आपको करना है पहले स्प्रे के 30 दिनों के बाद या फिर जब केले के फलों की अवस्था ऐसी हो जाए जैसी आपको इस फोटो में दिख रही है। दूसरे स्प्रे का डोज़ भी 50 पीपीएम है, जिसे बनाने के लिए आपको 12 ग्राम प्रोजिब इजी को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना है। प्रोजिब इजी का स्प्रे आप पोटैशियम या सोडियम के साथ भी कर सकते हैं।

प्रोजिब इजी का तीसरा स्प्रे – केले में प्रोजिब इजी का तीसरा स्प्रे आपको करना है केले की तुड़ाई यानी हार्वेस्ट से 30 दिन पहले या फिर जब केले के गुच्छे लगभग इस तरह दिखने लगें। तीसरे स्प्रे का डोज़ भी 50 पीपीएम है, जिसे बनाने के लिए आपको 12 ग्राम प्रोजिब इजी को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करना है। प्रोजिब इजी का स्प्रे आप पोटैशियम या सोडियम के साथ भी कर सकते हैं।

आप चाहें तो www.progibbeasy.com पर विजिट कर सकते हैं और वहाँ पर आपको मिलेगा ये प्रोजिब इजी कॅल्क्युलेटर।इस कॅल्क्युलेटर द्वारा आप प्रोजिब इजी के अलग अलग पीपीएम के सोल्यूशन कैसे बनाने हैं वो आसानी से पता लगा सकते हैं।

याद रखें, केले में आपको इन तीन अवस्थाओं में 50 पीपीएम सोल्यूशन का स्प्रे करना है। और प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करते समय पौधों को उचित मात्रा में पोषण देना है, खासकर फलों के बनाने की अवस्था में पौधों को पोटाश का पोषण देना ज़रूरी है।

 

ड्रिप इरीगेशन द्वारा भी प्रोजिब इजी का इस्तेमाल –

अगर बंच कवर यानी ज़ादा बड़े गुच्छे होने के कारण या अन्य किसी भी कारण से आप स्प्रे ठीक से नहीं कर पा रहे हैं तो फल की इन अवस्थाओं में आप ड्रिप इरीगेशन द्वारा भी प्रोजिब इजी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ड्रिप इरीगेशन के लिए आपको 1000 पौधों में 25 ग्राम प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करना है।

प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से फलों पर होने वाले फायदे – और अब बात करते हैं की प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से फलों पर क्या फायदे होते हैं।

सबसे पहला फायदा है की प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से फलों का साइज बढ़ता है, केले ज़्यादा मोटे होते हैं, केलों का वज़न बढ़ता है और साथ ही केले की क्वालिटी अच्छी होती है। प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से फल का रंग काफी समय तक बरकरार रहता है, और फल की कीपिंग क्वालिटी भी अच्छी होती है मतलब फल ज़्यादा समय तक ताज़ा रहता है। तो दोस्तों प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से आपको मिलते हैं परफेक्ट एक्सपोर्ट क्वालिटी के केले, जिससे आपको मिल सकता है ज़्यादा मुनाफा।

 

प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करते समय की सावधानियां –

अब आपको बताते हैं की प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करते समय कौन सी सावधानियां बरतनी हैं, सबसे पहले, प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करते समय ये ध्यान रखना है की पौधों में अच्छी नमी रहे। आप केले के पौधे को जितना अच्छा पोषण देंगे, आपको प्रोजिब इजी के इस्तेमाल से उतने ही अच्छे परिणाम मिलेंगे, केले में आपको अलग अलग असावथाओं में 50 पीपीएम प्रोजिब इजी का इस्तेमाल करना है। तो ध्यान से देखें, फल की इन अवस्थाओं में प्रोजिब इजी का स्प्रे करें।

एक और ज़रूरी बात ये है की केले के फल को अच्छी मात्रा में पोटाश की ज़रुरत होती है, तो केले के पौधों में अन्य ज़रूरी पोषण के साथ पोटाश का पोषण ज़रूर दें।

दोस्तों अभी अपने नज़दीकी रिटेलर से संपर्क करें और अपनी केले की फसल के लिए लेकर आएं सुमिटोमो केमिकल का प्रोजिब इजी। ज़्यादा जानकारी के लिए विजिट करें हमारी वेबसाइट www.progibbeasy.com

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